लखनऊ में श्रीमद् भागवत कथा

लखनऊ में श्रीमद् भागवत कथा के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।

सप्ताह पर्यंत श्रीमद् भागवत कथा वाचन, व्यास पीठ सहित।

क्यों की जाती है

श्रीमद् भागवत कथा सात दिनों में संपन्न होने वाला महायज्ञ है। मान्यता है कि इसके श्रवण से पितरों को शांति और परिवार को मोक्ष का मार्ग मिलता है। प्रायः किसी की स्मृति में अथवा मनोकामना पूर्ति पर कराई जाती है।

विधि

कलश स्थापना एवं व्यास पीठ पूजन से आरंभ होकर प्रतिदिन निर्धारित स्कंधों का वाचन होता है। सातवें दिन कथा विश्राम, हवन एवं भंडारे के साथ समापन होता है।

तैयारी

व्यास पीठ, मंडप अथवा पंडाल, ध्वनि व्यवस्था, प्रतिदिन का प्रसाद एवं समापन पर भंडारा। आयोजन बड़ा होने के कारण तिथि से कम से कम एक माह पूर्व बुकिंग करें।

मुहूर्त

कोई भी शुभ मास, विशेषकर पुरुषोत्तम मास, कार्तिक एवं श्रावण। सात दिन लगातार चलती है, इसलिए तिथि परिवार की सुविधा से तय की जाती है।

कितना समय

लगभग 7 दिन।