लखनऊ में काल सर्प शांति (नाग पूजन) के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
नाग पूजन एवं सर्प शांति हवन — काल सर्प योग के शमन हेतु।
कुंडली में राहु-केतु के बीच सभी ग्रहों के आ जाने से बनने वाला काल सर्प योग बाधा एवं विलंब से जोड़ा जाता है। नाग देवता का पूजन, जाप एवं हवन इसके शमन हेतु किया जाता है।
संकल्प के बाद चाँदी अथवा ताँबे के नाग-नागिन युगल की स्थापना एवं पूजन होता है। राहु-केतु मंत्रों का जाप कर हवन किया जाता है। अंत में नाग युगल का प्रवाह अथवा मंदिर में अर्पण किया जाता है।
चाँदी अथवा ताँबे के नाग-नागिन, दूध, काले तिल, नारियल, हवन सामग्री एवं जन्म कुंडली की प्रति चाहिए।
नाग पंचमी सर्वोत्तम है। पंचमी तिथि, तथा प्रयागराज एवं त्र्यंबकेश्वर जैसे तीर्थ स्थानों पर यह विशेष फलदायी माना जाता है।
लगभग 3-4 घंटे।