लखनऊ में सुंदरकांड पाठ

लखनऊ में सुंदरकांड पाठ के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।

हनुमान जी की कृपा एवं संकट निवारण हेतु सुंदरकांड का सामूहिक पाठ।

क्यों की जाती है

रामचरितमानस का सुंदरकांड हनुमान जी के पराक्रम का वर्णन है। मान्यता है कि इसके पाठ से भय, बाधा एवं मानसिक अशांति दूर होती है। यही कारण है कि यह गृह प्रवेश, व्यापार आरंभ अथवा किसी संकट काल में सबसे अधिक कराया जाने वाला पाठ है।

विधि

गणेश एवं हनुमान पूजन के बाद संकल्प होता है। फिर संगीतमय अथवा सादे स्वर में सुंदरकांड का सम्पूर्ण पाठ किया जाता है। पाठ के उपरांत हनुमान चालीसा, आरती एवं बूँदी अथवा गुड़-चने के प्रसाद का वितरण होता है।

तैयारी

हनुमान जी का चित्र अथवा प्रतिमा, लाल वस्त्र, चोला, सिंदूर, चमेली का तेल, बूँदी अथवा गुड़-चना एवं फूलमाला चाहिए। सामग्री सहित पैकेज में यह सब सम्मिलित है।

मुहूर्त

मंगलवार एवं शनिवार सर्वोत्तम हैं। हनुमान जयंती एवं चैत्र-आश्विन नवरात्रि में विशेष फलदायी माना जाता है। प्रातः अथवा संध्या काल दोनों उपयुक्त हैं।

कितना समय

लगभग 2-3 घंटे।