लखनऊ में वाहन पूजा

लखनऊ में वाहन पूजा के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।

नए वाहन की सुरक्षा एवं शुभता हेतु गणपति पूजन एवं अभिषेक।

क्यों की जाती है

नया वाहन घर आने पर उसका पूजन कर गणपति एवं वास्तु देवता से रक्षा की प्रार्थना की जाती है। उद्देश्य केवल शुभारंभ नहीं — यात्रा में सुरक्षा की कामना है, जो हर परिवार की सबसे बड़ी चिंता होती है।

विधि

गणेश पूजन एवं संकल्प के बाद वाहन पर स्वस्तिक बनाकर हल्दी-कुमकुम से अभिषेक होता है। नारियल फोड़कर, नींबू रखकर एवं मौली बाँधकर आरती की जाती है। अंत में वाहन की प्रथम यात्रा शुभ दिशा में कराई जाती है।

तैयारी

नारियल, नींबू, मौली, हल्दी-कुमकुम, अक्षत, फूलमाला, अगरबत्ती एवं मिष्ठान चाहिए। सामग्री सहित पैकेज में यह सब सम्मिलित है।

मुहूर्त

बुधवार, गुरुवार एवं शुक्रवार शुभ हैं। पुष्य नक्षत्र वाहन क्रय एवं पूजन दोनों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। अमावस्या एवं मंगलवार से बचा जाता है।

कितना समय

लगभग 30-45 मिनट।