अखंड रामायण पाठ के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
बिना विराम चौबीस घंटे चलने वाला सम्पूर्ण रामचरितमानस पाठ।
अखंड रामायण में रामचरितमानस का सम्पूर्ण पाठ बिना रुके चौबीस घंटे में पूर्ण किया जाता है। यह मनोकामना पूर्ति, गृह शांति अथवा किसी संकल्प की पूर्णता पर कराया जाता है। पाठ की अखंडता ही इसका मुख्य नियम है।
गणेश पूजन, कलश स्थापना एवं संकल्प के बाद पाठ आरंभ होता है। पंडित जी बारी-बारी से पाठ करते हैं ताकि क्रम कहीं न टूटे। चौबीस घंटे बाद हवन, पूर्णाहुति, आरती एवं भंडारे के साथ समापन होता है।
रामचरितमानस की प्रति, चौकी, अखंड दीप हेतु शुद्ध घी, कलश, हवन सामग्री एवं प्रसाद की व्यवस्था चाहिए। अखंड दीप चौबीस घंटे जलता रहना चाहिए।
रामनवमी, विजयादशमी एवं कार्तिक पूर्णिमा विशेष रूप से शुभ हैं। वैसे किसी भी शुभ तिथि पर संकल्प लेकर कराया जा सकता है।
लगभग 24 घंटे।