दुकान/कार्यालय उद्घाटन के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
नए व्यापार स्थल पर लक्ष्मी-गणेश पूजन एवं शुभारंभ विधि।
नई दुकान, कार्यालय अथवा प्रतिष्ठान आरंभ करने से पूर्व लक्ष्मी एवं गणेश का पूजन कर व्यापार में वृद्धि की कामना की जाती है। वास्तु दोष का शमन भी इसी अवसर पर किया जाता है, क्योंकि बाद में परिवर्तन कठिन होता है।
गणेश-लक्ष्मी पूजन एवं संकल्प के पश्चात गल्ले अथवा तिजोरी का पूजन होता है। मुख्य द्वार पर तोरण एवं स्वस्तिक बनाकर नारियल फोड़ा जाता है। बही-खाता पूजन एवं आरती के साथ विधि पूर्ण होती है।
गणेश-लक्ष्मी प्रतिमा, कलश, नारियल, तोरण, बही-खाता अथवा गल्ला, मिष्ठान एवं फूलमाला चाहिए। सामग्री सहित पैकेज में सब सम्मिलित है।
शुक्रवार, गुरुवार एवं बुधवार शुभ हैं। धनतेरस, अक्षय तृतीया एवं दीपावली विशेष रूप से उत्तम मानी जाती हैं। अभिजित मुहूर्त में शुभारंभ श्रेष्ठ है।
लगभग 1-2 घंटे।