दुर्गा सप्तशती पाठ के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
नवरात्रि एवं विशेष अवसरों पर दुर्गा सप्तशती का पाठ।
दुर्गा सप्तशती के सात सौ श्लोकों का पाठ शक्ति उपासना का प्रमुख अंग है। भय, रोग एवं शत्रु बाधा से रक्षा हेतु यह पाठ कराया जाता है।
कलश स्थापना एवं देवी आवाहन के बाद तेरह अध्यायों का क्रमवार पाठ होता है। पाठ के उपरांत कन्या पूजन, हवन एवं आरती की जाती है।
देवी की प्रतिमा अथवा चित्र, लाल चुनरी, कलश, नारियल, अखंड दीप हेतु घी, लाल पुष्प एवं हवन सामग्री।
नवरात्रि — विशेषकर अष्टमी एवं नवमी — सर्वोत्तम है। शुक्रवार एवं पूर्णिमा भी शुभ मानी जाती है।
लगभग 3-4 घंटे।