गणेश पूजन के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
किसी भी शुभ कार्य के आरम्भ में श्री गणेश का पूजन।
हर शुभ कार्य का आरंभ गणपति पूजन से होता है — वे विघ्नहर्ता हैं। नया व्यापार, वाहन, दुकान अथवा किसी भी नए आरंभ पर यह पूजा की जाती है।
संकल्प के बाद गणेश जी की प्रतिमा अथवा सुपारी पर आवाहन कर षोडशोपचार पूजन होता है। दूर्वा एवं मोदक अर्पित कर आरती की जाती है।
गणेश प्रतिमा अथवा सुपारी, दूर्वा, मोदक अथवा लड्डू, लाल वस्त्र, सिंदूर एवं ऋतुफल।
बुधवार एवं चतुर्थी तिथि सर्वोत्तम। गणेश चतुर्थी पर विशेष महत्व। प्रातःकाल का समय उत्तम है।
लगभग 1-2 घंटे।