गृह प्रवेश के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
नए घर में प्रवेश से पूर्व वास्तु शुद्धि, कलश स्थापना एवं हवन सहित पूर्ण विधि।
गृह प्रवेश केवल एक रस्म नहीं, नए घर में सुख-शांति और समृद्धि की नींव है। शास्त्रों के अनुसार नवनिर्मित या नए खरीदे गए भवन में रहने से पहले वास्तु देवता, गणपति एवं कुलदेवता का पूजन कर भवन के दोषों का शमन किया जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार की उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
सर्वप्रथम गणेश-गौरी पूजन एवं संकल्प होता है। इसके बाद कलश स्थापना कर नवग्रह शांति की जाती है। मुख्य द्वार पर स्वस्तिक एवं तोरण लगाकर गृह-प्रवेश किया जाता है, फिर वास्तु पूजन एवं हवन होता है। अंत में दूध उबालकर, पूर्णाहुति एवं आरती के साथ विधि पूर्ण होती है।
नारियल, कलश, आम के पत्ते, हल्दी, कुमकुम, अक्षत, पंचामृत, नया दूध, हवन सामग्री एवं फल-फूल की आवश्यकता होती है। "पंडित जी + सामग्री" पैकेज लेने पर यह सब हम लेकर आते हैं — आपको केवल घर तैयार रखना होता है।
गृह प्रवेश के लिए वैशाख, ज्येष्ठ, माघ एवं फाल्गुन मास शुभ माने जाते हैं। रोहिणी, मृगशिरा, उत्तराफाल्गुनी, चित्रा एवं अनुराधा नक्षत्र उत्तम हैं। यदि आपके पास पंचांग से तय मुहूर्त है तो बुकिंग में लिख दें; न हो तो पंडित जी आपकी तिथि देखकर उपयुक्त समय बता देंगे।
लगभग 3-4 घंटे।