हवन एवं यज्ञ के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
शुद्धि, शांति एवं मनोकामना पूर्ति हेतु वैदिक हवन।
अग्नि को देवताओं तक आहुति पहुँचाने का माध्यम माना गया है। हवन से वातावरण की शुद्धि होती है, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और संकल्पित मनोकामना की सिद्धि होती है।
हवन कुंड की स्थापना एवं अग्नि प्रज्वलन के बाद गणेश, नवग्रह एवं इष्ट देवता का आवाहन होता है। निर्धारित मंत्रों के साथ आहुतियाँ दी जाती हैं और अंत में पूर्णाहुति एवं आरती होती है।
हवन कुंड अथवा ईंट की व्यवस्था, आम की लकड़ी, हवन सामग्री, घी, नारियल, कपूर एवं आसन। खुला अथवा हवादार स्थान होना आवश्यक है।
प्रातःकाल का समय सर्वोत्तम है। नवरात्रि, अमावस्या, पूर्णिमा एवं ग्रहण के पश्चात हवन विशेष फलदायी माना जाता है।
लगभग 2-3 घंटे।