नवग्रह शांति के लिए सत्यापित पंडित जी बुक करें।
कुंडली के ग्रह दोष निवारण हेतु नवग्रह पूजन एवं जाप।
जन्म कुंडली में किसी ग्रह की प्रतिकूल स्थिति, महादशा अथवा साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने के लिए नवग्रह शांति की जाती है। इससे कार्यों में आने वाली बाधाएँ कम होती हैं।
नवग्रह मंडल की स्थापना कर प्रत्येक ग्रह का पूजन एवं निर्धारित संख्या में मंत्र जाप किया जाता है। तत्पश्चात ग्रह अनुसार समिधा से हवन एवं दान का संकल्प होता है।
जन्म कुंडली अथवा जन्म तिथि-समय-स्थान, नवग्रह समिधा, नौ प्रकार के अनाज, वस्त्र एवं दान सामग्री।
ग्रह अनुसार वार चुना जाता है — शनि के लिए शनिवार, मंगल के लिए मंगलवार। कुंडली देखकर पंडित जी उपयुक्त दिन बता देंगे।
लगभग 3 घंटे।