लग्न, राशि, नक्षत्र, ग्रहों की स्थिति और महादशा — हिंदी में, निःशुल्क।
लग्न कुंडली (उत्तर भारतीय शैली), चंद्र राशि और जन्म नक्षत्र, बारह भावों में ग्रहों की स्थिति, नवांश सहित वर्ग कुंडलियाँ और विंशोत्तरी महादशा–अंतर्दशा की समय-सारणी।
लग्न वह राशि है जो जन्म के क्षण पूर्वी क्षितिज पर उदित थी — यह हर दो घंटे में बदलती है, इसलिए जन्म समय ज़रूरी है। राशि वह है जिसमें जन्म के समय चंद्रमा था; यही आपकी चंद्र राशि है जिससे राशिफल देखा जाता है।
जन्म तिथि, जन्म का सही समय (घंटा-मिनट) और जन्म स्थान। स्थान से अक्षांश, देशांतर और समय क्षेत्र अपने आप लिए जाते हैं।
कुंडली ग्रहों की उस क्षण की स्थिति है — वह तिथि, समय और स्थान से ही बनती है। नाम से केवल नाम राशि का अनुमान लगता है, कुंडली नहीं।
विंशोत्तरी पद्धति में 120 वर्ष का चक्र नौ ग्रहों में बँटा होता है। जिस ग्रह की दशा चल रही हो, माना जाता है कि उस काल में उसका प्रभाव प्रमुख रहता है।