कुंडली के पंचम भाव, गुरु और दशा का विचार — ज्योतिषी जी से सीधी बात।
पति-पत्नी दोनों की कुंडली का पंचम भाव, उसका स्वामी, गुरु की स्थिति और चल रही दशा।
स्वास्थ्य से जुड़ी हर चिंता के लिए पहले योग्य डॉक्टर की सलाह लें। ज्योतिष परामर्श आस्था का विषय है, चिकित्सा का विकल्प नहीं।
पति और पत्नी दोनों का जन्म दिनांक, समय और स्थान — बात शुरू करने से पहले ही भेज दें।
परंपरा में संतान गोपाल पाठ जैसे अनुष्ठान किए जाते हैं; जन्म के बाद नामकरण, अन्नप्राशन और मुंडन संस्कार के लिए पंडित जी यहीं से बुक होते हैं।