दशम भाव, दशा और गोचर — करियर के प्रश्नों पर ज्योतिषी जी से बात।
कुंडली का दशम (कर्म) भाव, द्वितीय और एकादश (धन और लाभ) भाव, चल रही महादशा–अंतर्दशा और शनि व गुरु का गोचर। व्यापार के लिए साझेदार की कुंडली भी देखी जा सकती है।
नया व्यापार, दुकान या कार्यालय आरंभ करना हो तो शुभ मुहूर्त देखिए और उद्घाटन पूजा के लिए पंडित जी बुक कीजिए।
ज्योतिष अनुकूल समय और प्रवृत्ति का संकेत देता है, किसी नौकरी का वादा नहीं। निर्णय अपनी योग्यता और परिस्थिति देखकर ही लें।
दुकान या कार्यालय उद्घाटन, लक्ष्मी पूजा या वास्तु शांति के लिए पंडित जी पूजा सेवा से बुक कीजिए।